ट्रंप
प्रशासन ने हिज़्बुल्लाह पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमरीकी प्रशासन ने इस गुट को
ईरान के प्रतिनिधि के तौर पर फिर से वर्गीकृत किया है। अमरीका के वित्त विभाग ने 10 ऐसे लोगों पर
प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिन पर हिज़्बुल्लाह को धन
अंतरित करने के लिए ज़िम्मेदार नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप है।
अमरीका के वित्त विभाग के अनुसार यह
नेटवर्क लेबनान, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच
वाणिज्यिक एयरलाइन उड़ानों से यात्रा करने वाले कूरियर का इस्तेमाल करके अलग-अलग
देशों में बड़ी मात्रा में पैसे भेजता था। इससे हिज़्बुल्लाह को औपचारिक वित्तीय
प्रणाली से बाहर विदेशी मुद्रा हासिल करने और प्रतिबंधों से बचने का ज़रिया मिलता
था। इस नए वर्गीकरण का उदेद्श्य यह बताना है कि हिज़्बुल्लाह ईरान के इस्लामिक
रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर – आईआरजीसी की ओर से काम करता है और कोई स्वतंत्र संगठन
नहीं है। इससे औपचारिक रूप से यह माना जाता है कि हिज़्बुल्लाह के सैन्य अभियान,
बाहरी सुरक्षा गतिविधियां और बड़े वित्तीय नेटवर्क आईआरजीसी के
विस्तार के तौर पर काम करते हैं। आईआरजीसी ईरान का वह मुख्य ज़रिया है जिससे वह
अपनी सीमाओं के बाहर आतंकवाद को बढ़ावा देता है।
अमरीका ने हिज़्बुल्लाह और आईआरजीसी, दोनों को लंबे समय से
विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी गुट घोषित कर रखा है। हिज़्बुल्लाह लेबनान की
एक राजनीतिक पार्टी होने के साथ-साथ एक हथियारबंद गुट भी है। यह ताज़ा कदम ऐसे समय
में उठाया गया है जब ट्रंप प्रशासन इस्राएल और लेबनान के बीच शांति वार्ता को आसान
बनाने की कोशिश कर रहा है।
















